ADVISORS AND MENTORS

रामदत्त त्रिपाठी

वरिष्ठ पत्रकार

रामदत्त त्रिपाठी वरिष्ठतम पत्रकारों में से एक हैं। संडे मेल के अलावा लंबे समय तक बीबीसी की पत्रकारिता ने उनकी एक अलग छाप और विश्वसनीयता बनाई है। आज भी वह राजनीतिक और अन्य मुद्दों पर लिखते रहते हैं। तीन दशक से भी अधिक समय से वह देश और उत्तर प्रदेश की सियासत के उठापटक के प्रत्यक्ष गवाह रहे हैं। बीबीसी पर लेखन के अलावा उनका टाक शो भी बेहद लोकप्रिय रहा है। अवकाश प्राप्त करने के बावजूद बीबीसी अब भी अहम घटनाओं पर उनकी सेवाएं लेता है। लेखन के अलावा भ्रमण में उनकी खास अभिरूचि है।

रतनमणि लाल

वरिष्ठ पत्रकार

सियासत की संतुलित व्याख्या करने वाले रतनमणि लाल को अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के ख्यातिनाम पत्रकारों में शुमार किया जाता है। कई अखबारों और वेबसाइटों में नियमित लेखन के अलावा न्यूज़ चैनलों पर सियासी और अहम मुद्दे पर उनके सटीक विश्लेषण की वजह से उनकी खास पहचान है। अपनी पीढ़ी के अध्ययनशील पत्रकारों में उनकी छवि उन्हें खास बनाती है। पत्रकारिता के अलावा उन्होंने इस विषय के शिक्षण में भी उनका बड़ा योगदान रहा है। जयपुरिया समूह के पत्रकारिता शिक्षण संस्थान में निदेशक के रूप में उन्होंने पत्रकारों की एक नई पीढ़ी का सृजन किया है।

सुरेंद्र दुबे

वरिष्ठ पत्रकार

एजेंसी की पत्रकारिता के दिग्गज सुरेंद्र दुबे को उन पत्रकारों में शुमार किया जाता है, जो उत्तर प्रदेश में तीन दशक से भी अधिक समय के सियासी उठापटक के प्रत्यक्ष गवाह रहे हैं। यूएनआई और यूनी वार्ता समाचार एजेंसी के साथ लंबे समय तक जुड़ाव की वजह से खबरों की वस्तुनिष्ठता को लेकर हमेशा उनकी सजगता उनकी खासियत मानी जाती है। टीवी न्यूज़ चैनलों पर किसी भी सियासी और सामाजिक विषय पर बहस में उनके सटीक तर्क के आगे किसी की नहीं चल पाती। पुरानी पीढ़ी के विश्वसनीय पत्रकारों में गिने जाने वाले सुरेंद्र दुबे आज भी सक्रिय हैं और कई अखबारों और बेब पोर्टल में नियमित लिखते हैं।

मुकुल श्रीवास्तव

मीडिया गुरु 

पत्रकारों की नई पीढ़ी में यह एक ऐसा नाम है जिसे परिचय की जरूरत नहीं। लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग का नेतृत्व करने वाले डा. मुकुल श्रीवास्तव के अधीन न जाने कितने छात्र शोध कर चुके हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के छात्रों के लिए वह मित्र, मार्गदर्शक और सम्मानित गुरु है। पत्रकारिता के अध्यापन के अलावा लेखन में भी उनकी अद्भुत रुचि है। नए नए विषयों को जानने समझने और उनपर लिखने में उनका कोई भी सानी नहीं। यही वजह है कि पत्र और पत्रिकाओं के कई संपादकों के वे प्रिय और अनुशासित लेखक हैं। इतना सबके बावजूद वे नई पीढ़ी के सोच के साथ कदमताल करते हुए सोशल मीडिया पर अत्यधिक सक्रिय रहते हैं। मुकुल मीडिया के नाम से उनका अपना ब्लाग भी है। 

उन्मुक्त मिश्र

वरिष्ठ पत्रकार

उन्मुक्त भारत में टीवी पत्रकारिता की शुरुआती दौर के ऐसे पत्रकार हैं, जिन्होंने रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में अहम रोल निभाया है। दो दशक में टीवी न्यूज़ माध्यम के विकास और विस्तार के साथ ही उन्मुक्त ने पत्रकारिता की नई सीढ़ियां चढ़ी हैं। टीवी न्यूज चैनल में अहम रोल निभा चुके उन्मुक्त को खबरों के ट्रीटमेंट को लेकर उनके प्रयोगों के लिए जाना जाता है। आजतक, न्यूज 24, जी न्यूज, दूरदर्शन, नेशनल वायस में अलग अलग भूमिकाओं में उन्मुक्त ने अपनी पत्रकारिता को परिपक्व बनाया है। 

रंजीत कुमार 

वरिष्ठ पत्रकार

टीवी पत्रकारिता का ऐसा नाम जिसे आप किसी दायरे में बांधकर नहीं समझ सकते। नेशनल वायस हिंदी चैनल के ग्रुप एडिटर रहे रंजीत ने अपने दो दशक की पत्रकारीय यात्रा में अलग ही पहचान कायम की। न्यूज़ नेशन में अपने लोकप्रिय कार्यक्रम स्पाट विद रंजीत कुमार के जरिए इन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग को नई परिभाषा दी। खबर की तह में जाकर उसके तमाम पहलुओं को सरलता से दर्शकों तक पहुंचाने की कला में माहिर रंजीत ने टीवी में कई प्रयोग किए। एक एंकर और विश्लेषक के रूप में उनकी लोकप्रियता छिपी नहीं। सियासी और सामाजिक खबरों के अलावा साहित्य में उनकी समझ उन्हें बेमिसाल बनाती है। यू ट्यूब चैनल स्पाट विद रंजीत कुमार आज भी जारी हैं जहां वह समसामयिक विषयों के साथ ही साहित्य पर बात करते नज़र आते हैं।